कृष्ण पहिया – चक्का निशान, राजगीर

भारत आस्था और विश्वास का देश है। यहां पर समय-समय पर भगवान का स्वरूप करो कि अवतार होते आ रहा है और उनकी लीलाओं से भारत की इतिहास ओतप्रोत है।
यह महज कहने की बात नहीं है इसके प्रमाण आपको ऐतिहासिक ग्रंथों में मिल जाएगा और साथ ही साथ कई ऐसे स्थान पर मीले निशान इसकी पुष्टि करती है।
आज हम लीलाधारी कृष्ण के होने का प्रमाण है।


कृष्ण पहिया चक्का निशान राजगीर :-

राजगीर आज से हजारों वर्ष पूर्व राज्यगृह से जाना जाता था। महाभारत काल में यहां के शासक जरासंध हुआ करते थे जो कि अत्याचारी और दुराचारी थे।
जरासंध का वध गदाधारी भीम ने श्री कृष्ण के कहे अनुसार किया था।
इस स्थान पर जवाब जाएंगे तो वहां पर आपको कुछ पहिए के निशान मिलेंगे जो कि तकरीबन 30 से 50 फुट क़े आसपास है और आपको बताते चलें कि जो पहियों के बीच की जो दूरी है वह समानांतर है पूरी की पूरी।
बताया जाता है कि कि श्री कृष्ण वहीं से एक बार रथ को लेकर भागे थे जिसके वजह से उनके रथ का निशान वहीं पर रह गया है जो आज भी आप आसानी से देख सकते हैं और समझ सकते हैं।
महाभारत का एक प्रसंग इसके साथ और भी जुड़ा हुआ है, जरासंध और भीम का 18 दिनों का मल युद्ध,
जहां पर श्री कृष्ण के रथ के पहिए का निशान है वही पर उसी के आसपास जरासंध और भीम के युद्ध के दौरान के कुछ निशान है। वह निशान युद्ध के दौरान जमीन पर गिरने से बने गड्ढे हैं, देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि पैरों के निशान और किडनी के निशान आप आसानी से देख पाएंगे।
राजगीर का यहां पर्यटक स्थल बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है जब इसका जोड़ा महाभारत काल और कृष्ण से होता है और यही कारण है कि यहां पर भी पर्यटकों का भीड़ लगा रहता है।
इंडिया पर्यटक स्थल चक्रवाती दीवार से पहले हैं,

मार्ग :-
श्री कृष्ण के चक्के का पहिया का निशान बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में स्थित है। आप यहां पर रेल मार्ग या सड़क मार्ग से जा सकते हैं दोनों ही मार्ग सुगम और सरल है।
दोनों ही मार्गो से आप जब भी पहुंचेंगे तो आप राजगीर बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे वहां से आप अपने सुविधानुसार टेंपो या टांगे की सहायता से श्री कृष्ण के रथ के निशानों वाले इस पौराणिक स्थल पर पहुंच सकते हैं।
राजगीर रेलवे स्टेशन से या महज 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
अधिक जानकारी के लिए या आप वीडियो स्वरूप देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल रॉयल यात्रा (Royal yatra) पर एक बार जरूर विजिट करें
कुछ त्रुटी रह गई हो तो क्षमा करें।

धन्यवाद
लेखन -गौतम राज़

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