मणियार मठ के बारे में जानकारी (राजगीर)

मनियार मठ राजगीर पर्यटन स्थल में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है और लोग यहां पर जाना बेहद पसंद करते हैं। तो आज हम आपको मनियार मठ के बारे में बताएंगे इसकी इतिहास और पौराणिक मान्यताओं के विषय में आप जानेंगे।

Maniyar math Rajgir

मणियार मठ :-

मनियार मठ आज से 2500 वर्ष पुराना मौर्य वंश का पूजा स्थल के रूप में विख्यात था और साथ ही साथ इतिहासकार बताते हैं कि बुद्ध कालीन यज्ञ भी इसी स्थान पर हुआ करते थे। बात करें इसकी इतिहास की तो यहां पर मणि धारक सांप हुआ करते थे जो कि मौर्य काल में पूजनीय थे और ऐसा बताया जाता था कि यह मौर्य राजाओं के कुलदेवी भी थी। यहीं पर बिंबिसार की पत्नी ने एक बहुत ही बड़ा पूजा अनुष्ठान यानी यज्ञ करवाया था पूजा इतनी विशाल थी कि तीन कुएं के आकार के हवन कुंड बनाए गए थे जो आज भी मनियार मठ के प्रांगण में देखा जा सकता है।

मनियार मठ का मुख्य पूजा स्थल बहुत ही छोटा है और उसके चारों ओर दीवारों पर भगवान की प्रतिमा बनाई गई है हालांकि अभी के समय में यहां प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसका कुछ ही हिस्सा देखने के लिए मौजूद है।
मणियार मठ में इस्तेमाल किए गए ईटे खजुरिया ईटे है जो कि सिर्फ बुद्ध कालीन में ही पाए जाते थे। पूजा स्थल जमीनी स्तर से तकरीबन 10 फुट की ऊंचाई पर है और चारों तरफ छोटे-छोटे चबूतरे बनाए गए हैं। जोकि बौद्ध भिक्षु या संतों के साधना के स्थल के रूप में जाना जाता है।

मार्ग :-

मनियार मठ बिहार राज्य के नालंदा जिले के राजगीर में स्थित है। यहां पर रेल मार्ग या सड़क मार्ग दोनों ही रास्तों से आप सुगम और सरलता से पहुंच सकते हैं।

आप पटना से ट्रेन या बस की मदद से राजगीर पहुंच सकते हैं। मनियार मठ ब्रह्म कुंड वाले रास्ते मैं बिंबिसार जेल के थोड़ी ही दूरी पर है यह सोनभंडार के ठीक पीछे पड़ता है। पर्यटन के दृष्टिकोण से यह बहुत ही महत्वपूर्ण और आकर्षण का केंद्र है यहां पर सैकड़ों पर्यटक रोज आते हैं।मनियार मठ के विषय में अधिक जानकारी पाने हेतु आप हमारे युटुब चैनल रॉयल (Royal Yatra) यात्रा पर एक बार जरूर पधारें। कुछ त्रुटी रह गई हो तो क्षमा करें।

लेखन -गौतम राज़
एडिट -ब्रजकिशोर & Royal Yatra team.

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